सलमान-अमिताभ को नहीं मिली जगह

राजन शाही का शो अनुपमां, जो मार्च के महीने में टेलीकास्ट होना था, शो का प्रमोशन भी शुरू हो गया था. सीरियल्स के कुछ एपिसोड्स तक शूट हो गए थे. लेकिन किसे पता था कि कोरोना वायरस सब कुछ बदल कर रख देगा. लॉकडाउन हुआ और मेकर्स ने शो को टालने का फैसला लिया. और ये कहना गलत नहीं होगा कि मेकर्स का ये फैसला उनके लिए फायदे का साबित हुआ. क्योंकि अगर उस वक्त ही शो शुरू हो जाता तो बीच में ही लटक जाता. क्योंकि टीवी शोज की शूटिंग बंद हो गई थी. टीवी पर पुराने सीरियल्स दिखाए जा रहे थे. ऐसे में सीरियल्स को नेम-फेम नहीं मिल पाता।
यह टीवी सीरियल बिग बॉस 14 और कौन बनेगा करोड़पति की टीआरपी में दोनों से ऊपर चल रहा है।शो जिस दिन से शुरू हुआ है उस दिन से फैंस के दिलों पर राज कर रहा है. टीआरपी रेटिंग्स में तो शो ने दूसरे नंबर पर ऐसे जगह बना ली है, जैसे वो स्पेस इसी शो के लिए था. सीरियल 13 जुलाई से शुरू हुआ और उसी दिन से शानदार परफॉर्मेंस देखने को मिल रही है. आइए नजर डालते हैं शो से जुड़ी उन 5 बातें जिन्होंने शो को ऊंचाई पर पहुंचाया।

सिंपल मगर दिल छूने वाली स्टोरीलाइन कहने को तो शो की स्टोरीलाइन बहुत सिंपल सी है. एक सीधी-साधी सी, कम पढ़ी लिखी हाउसवाइफ (अनुपमा) है, जिसे पति, सास और बच्चे कोई भाव नहीं देता. हालांकि, किसी की भी गाड़ी अनुपमा के बिना चलती नहीं है. सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक हर किसी को अनुपमा चाहिए. अनुपमा के बिना किसी की दाल गलती नहीं है, लेकिन हाउसवाइफ है और उसमें भी कम पढ़ी-लिखी तो घरवाले ही कम ही आंकते हैं।

अनुपमा के तीन बच्चे हैं. दो बेटे एक बेटी. बड़ा बेटा पारीतोष, जो अपने पापा को आइडल मानता है. छोटी बेटी पाखी जिसे अपनी मां को स्कूल तक ले जाने में शर्म आती है. हां मंझला बेटा समर अपनी मां से बहुत प्यार करता है और रिस्पेक्ट भी करता है. मां के लिए पूरी दुनिया से लड़ने को तैयार है. वहीं सास को अनुपमा इसलिए पसंद नहीं क्योंकि वो उनकी पसंद नहीं. और रही बात पति वनराज की तो उसे सिर्फ चाहिए कि अनुपमा दिन रात, बिना कुछ बोले घर को संभाले. इससे ज्यादा उसे अनुपमा से कोई मतलब नहीं।
गुजराती बैकड्रॉप सीरियल का बैकड्रॉप गुजराती है. इंडियन टीवी हिस्ट्री में गुजराती बैकड्रॉप हमेशा हिट ही रहा है. शोज जैसे साथ निभाना साथिया, ये रिश्ते हैं प्यार के, बंदिनी, ये उन दिनों की बात है, दिल से दिल तक, खिचड़ी, साराभाई वर्सेज साराभाई, ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं, तारक मेहता में जेठालाल की फैमिली (गुजराती) ऐसे तमाम उदाहरण हैं, जो काफी हिट हैं. अनुपमां में ये जान डालता है।