पुलिस ने पेश की मानवता की मिशाल, महिला मरीज का किया दाह संस्कार

आगरा। कोरोना संकट काल में दूरियां इतनी बढ़ गयी है कि खून के रिश्ते भी काम नहीं आ रहे तो वहीं सामाजिक संबंध रखने वाले भी मुह फेरे हुए हैं।  एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ निभाने वाले पड़ोसी मुसीबत में मदद करने से भी कतरा रहे हैं। आगरा से ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक महिला की मौत होने पर उसके परिजन नहीं आ सके। संक्रमण के डर से पड़ोसियों ने भी दूरी बना ली तो पुलिस ने बेटों का फर्ज निभाते हुए अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया।

कोरोना के चलते लगातार मौते होने से लोगों को अपनो का अंतिम संस्कार करने में भी डर लग रहा हैं। ऐसे में पुलिस कर्मी बेटा होने का फर्ज अदा कर रहे हैं। आपकों बता दें कि थाना ताजगंज के जयपुरिया सरराइज के 108 नंबर मकान में शारदा देवी पत्नी महेश की मृत्यु हो गई जो घर में अकेली रहती थी। कोई भी पडोसी महिला के शव को हाथ लगाने को तैयार नहीं था। सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी शैलेन्द्र सिंह जानकारी की तो मालूम हुआ कि महिला के दो बेटे विदेश में रहते है और पति मुम्बई में रहता हैं। महिला करीब तीन दिनों से जुखाम खासी आदि की शिकायत थी। इस कारण कोई भी व्यक्ति शव को हाथ नहीं लगा रहा था।

थाना ताजगंज प्रभारी उमेश चंद त्रिपाठी ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। दोनों बेटो ने विदेश में होने के कारण आने की मना कर दी। वहीं पति ने आज आने की बात कही। इस बात को लेकर चौकी प्रभारी शैलेन्द्र सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने पीपीई किट पहन कर पूरी निष्ठा के साथ महिला का अंतिम संस्कार किया और मानवता की मिशाल पेश की।