घटिया निर्माण पर अफ़सर होंगे ज़िम्मेदार

लगभग 30 लोगों की मौत मुरादनगर हादसे में होने के बाद घटिया निर्माणों को लेकर शासन सख्त है। ऐसे में अब एक लाख से 10 लाख लागत की परियोजनाओं की हर 30 दिन पर और 10 लाख से 50 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता हर 15 दिन बाद जांच जिलाधिकारी करेंगे। खराब गुणवत्ता के लिए नोडल अधिकारी जिम्मेदार होंगे। ये निर्देश मंगलवार को मंडलायुक्त ने विकास कार्यों की वर्चुअल समीक्षा बैठक में दिए हैं।आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में 50 करोड़ लागत की 22 परियोजनाएं हैं। इनके लिए नोडल अधिकारी नामित हैं। मंगलवार को समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता तकनीकी रिपोर्ट नहीं लाए। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को 15 जनवरी तक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, सीवर, भवन व अन्य निर्माण कार्यों के निरीक्षण में गुणवत्ता खराब मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। मंडलायुक्त ने सभी जिलों के डीएम से कहा, जिला स्तर पर भी परियोजनाओं की निगरानी के लिए नोडल टीमें बनाईं जाएं। जिलाधिकारी स्वयं निरीक्षण करें और प्रत्येक 15 व 30 दिन बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मुरादनगर हादसे में अफसरों को गिरफ़्तार भी किया गया था।