कंगना रनौत पर कर्नाटक के बाद मुंबई में FIR

मुंबई में बांद्रा कोर्ट ने मुन्ना वराली और कास्टिंग डायरेक्टर साहिल अशरफ सैय्यद की याचिका पर अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ एक मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।दायर याचिका में कहा गया है कि कंगना रनौत लगातार बॉलीवुड को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लेकर टीवी तक, हर जगह वह बॉलीवुड के खिलाफ बोल रही हैं. वह लगातार बॉलीवुड को नेपोटिज्म और फेवरेटिज्म का अड्डा बता रही हैं।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कंगना ने बॉलीवुड के हिंदू और मुस्लिम कलाकारों के बीच खाई पैदा की है. वह लगातार आपत्तिजनक ट्वीट कर रही हैं जिससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हुई बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में कई लोग इससे आहत हैं.
पहले इस सिलसिले में बांद्रा पुलिस स्टेशन ने कंगना के खिलाफ संज्ञान लेने से मना कर दिया।जिसके बाद याचिकाकर्ता ने मामले में जांच के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।कोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

मामले में शिकायतकर्ता कास्टिंग डायरेक्टर साहिल सैय्यद ने कहा, 'मैं इस इंडस्ट्री में पिछले एक दशक से काम कर रहा हूं. मैंने इस तरह की सांप्रदायिक नफरत पहले कभी नहीं देखी।जब मैं किसी काम के लिए जाता हूं और अपना नाम साहिल बताता हूं तब तक तो सब कुछ ठीक होता है।लेकिन जैसे ही मैं अपना पूरा नाम साहिल सैय्यद बताता हूं सब चीजें बदल जाती हैं और कहा जाता है कि आप बाद में आएं।ऐसी हालत है.' 
साहिल ने कहा, 'ऐसा कभी नहीं हुआ. यह सब कुछ कंगना रनौती के ट्वीट और मीडिया के कुछ हिस्सों में चलने वाले उनके बयान की वजह से हो रहा है. उन्होंने बहुत साम्प्रदायिक नफरत पैदा की है. पिछले दो महीनों से इंडस्ट्री में काम करना बहुत मुश्किल हो गया है. इसलिए मैंने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. महाराष्ट्र सरकार और मुंबई के खिलाफ उनका बयान भी बहुत गलत है. उन्होंने मुंबई से सब कुछ कमाया है और अब वह मुंबई को बदनाम कर रही हैं।

साहिल सैय्यद के वकील रवीश जमींदार ने कहा, "शुरू में हमने बांद्रा पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्होंने हमारी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की. हमने बांद्रा जोनल डीसीपी से भी संपर्क किया, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं हुआ. इसलिए आखिरकार हमने बांद्रा अदालत में शिकायत दर्ज की और आज हमारे पास आदेश है. अदालत ने बांद्रा पुलिस को कंगना के खिलाफ IPC की धारा 295 (ए) 153 (ए) 124 (ए) के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. सभी मामले में गैर जमानती हैं. हमें मामले में तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है. सबूत के तौर पर हमने कंगना के सभी ट्वीट और मीडिया स्टेटमेंट दिए हैं."